सूरह Ar-Rum, आयत 53

30:53

وَمَآ أَنتَ بِهَٰدِ ٱلۡعُمۡيِ عَن ضَلَٰلَتِهِمۡۖ إِن تُسۡمِعُ إِلَّا مَن يُؤۡمِنُ بِـَٔايَٰتِنَا فَهُم مُّسۡلِمُونَ ٥٣

तथा आप अंधों को उनकी गुमारही से हटाकर सीधे मार्ग पर नहीं ला सकते। आप तो केवल उन्हीं को सुना सकते हैं, जो हमारी आयतों पर ईमान रखते हैं। तो वही आज्ञाकारी हैं।

तफ़सीर

आप सीधे रास्ते से भटके हुए को सत्य के मार्ग पर चलने की तौफ़ीक़ (सामर्थ्य) नहीं दे सकते। आप लाभ उठाए जाने के तौर पर केवल उसी को सुना सकते हैं, जो हमारी आयतों पर ईमान रखता है; क्योंकि वही आपकी बातों से लाभान्वित होता है। तो वही हमारे आदेश का पालन करने वाले और उसके अधीन हैं।