सूरह Ar-Rahman, आयत 66

55:66

فِيهِمَا عَيۡنَانِ نَضَّاخَتَانِ ٦٦

उन दोनों में जोश मारते हुए दो जल स्रोत हैं।

तफ़सीर

इन दोनों बाग़ों में दो जल स्रोत हैं, जिनसे बड़ी तेज़ी से पानी उबल रहा है, उनके पानी का उबलना बंद नहीं होता।