ٱلَّذِينَ يُوفُونَ بِعَهۡدِ ٱللَّهِ وَلَا يَنقُضُونَ ٱلۡمِيثَٰقَ ٢٠
जो अल्लाह के साथ की हुई प्रतिज्ञा11 को पूरा करते हैं और दृढ़ प्रतिज्ञा को नहीं तोड़ते।
फ़ुटनोट
11 भाष्य के लिए देखिए : सूरतुल-आराफ़, आयत : 172
तफ़सीर
जिन लोगों ने अल्लाह का आमंत्रण स्वीकार किया, वे ऐसे लोग हैं जो अल्लाह के साथ की हुई प्रतिज्ञा या उसके बंदों के साथ की हुई प्रतिज्ञा को पूरा करते हैं। तथा अल्लाह के साथ या उसके अलावा के साथ की हुई दृढ़ प्रतिज्ञाओं को नहीं तोड़ते।