وَيُسَبِّحُ ٱلرَّعۡدُ بِحَمۡدِهِۦ وَٱلۡمَلَٰٓئِكَةُ مِنۡ خِيفَتِهِۦ وَيُرۡسِلُ ٱلصَّوَٰعِقَ فَيُصِيبُ بِهَا مَن يَشَآءُ وَهُمۡ يُجَٰدِلُونَ فِي ٱللَّهِ وَهُوَ شَدِيدُ ٱلۡمِحَالِ ١٣
और बादल की गरज, अल्लाह की प्रशंसा के साथ उसकी पवित्रता का वर्णन करती है, और फ़रिश्ते भी उसके भय से (उसकी पवित्रता का गुणगान करते हैं)। और वह कड़कने वाली बिजलियाँ भेजता है, फिर उन्हें जिसपर चाहता है, गिरा देता है, जबकि वे अल्लाह के बारे में झगड़ रहे होते हैं, और वह बहुत शक्ति वाला है।5
फ़ुटनोट
5 अर्थात जैसे कोई प्यासा पानी की ओर हाथ फैलाकर प्रार्थना करे कि मेरे मुँह में आ जा, तो न पानी में सुनने की शक्ति है न उसके मुँह तक पहुँचने की। ऐसे ही काफ़िर, अल्लाह के सिवा जिनको पुकारते हैं, न उनमें सुनने की शक्ति है और न वे उनकी सहायता करने का सामर्थ्य रखते हैं।
तफ़सीर
और बिजली की कड़क अपने पालनहार की प्रशंसा के साथ उसकी पवित्रता का गान करती है और फ़रिश्ते अपने पालनहार की पवित्रता का गुणगान उसके भय से तथा उसके प्रताप और सम्मान में करते हैं। और अल्लाह अपने प्राणियों में से जिसपर चाहता है, जलाने वाली बिजलियाँ भेजकर उसे विनष्ट कर देता है। जबकि काफ़िर लोग अल्लाह की एकता (एकेश्वरवाद) के विषय में झगड़ते हैं, और अल्लाह बहुत समर्थ और शक्तिशाली है। अतः वह जो चीज़ भी चाहता है, उसे कर गुज़रता है।