سَوَآءٞ مِّنكُم مَّنۡ أَسَرَّ ٱلۡقَوۡلَ وَمَن جَهَرَ بِهِۦ وَمَنۡ هُوَ مُسۡتَخۡفِۭ بِٱلَّيۡلِ وَسَارِبُۢ بِٱلنَّهَارِ ١٠
तुममें से जो चुपके से बात करे और जो ऊँची आवाज़ में बोले तथा जो रात के अंधेरे में छिपा हुआ है और जो दिन के उजाले में चलने वाला है, (उसके लिए) बराबर है।
तफ़सीर
वह भेद और छिपे हुए को जानता है। (ऐ लोगो!) तुममें से जो व्यक्ति बात को छिपाता है और जो इसकी घोषणा करता है, दोनों उसके ज्ञान में बराबर हैं। इसी तरह जो रात के अंधेरे में लोगों की आँखों से छिपा हुआ है और जो दिन के उजाले में अपने कार्यों से स्पष्ट है, सब उसके ज्ञान में बराबर हैं।