وَلۡيَخۡشَ ٱلَّذِينَ لَوۡ تَرَكُواْ مِنۡ خَلۡفِهِمۡ ذُرِّيَّةٗ ضِعَٰفًا خَافُواْ عَلَيۡهِمۡ فَلۡيَتَّقُواْ ٱللَّهَ وَلۡيَقُولُواْ قَوۡلٗا سَدِيدًا ٩
और उन लोगों को डरना चाहिए कि यदि वे अपने पीछे कमज़ोर संतान छोड़ जाते, तो उन्हें उनके बारे में कैसा भय होता। अतः उन्हें चाहिए कि अल्लाह से डरें और भली बात कहें।
तफ़सीर
और उन लोगों को डरना चाहिए जो अगर मर जाते और अपने पीछे कमज़ोर छोटे बच्चे छोड़ जाते, तो उन्हें उनके नष्ट होने का कैसा डर होता। अतः उन्हें अल्लाह से डरते हुए उन अनाथों पर अत्याचार नहीं करना चाहिए जो उनके संरक्षण में हैं। ताकि अल्लाह उनकी मौत के पश्चात उनके लिए ऐसे लोगों का प्रबंध करे, जो उनकी औलाद के साथ अच्छा व्यवहार करें, जैसा कि उन्होंने उन अनाथों के साथ सद्व्यवहार किया था। तथा उन्हें उस व्यक्ति की औलाद के हक़ में अच्छा व्यवहार करना चाहिए जिसकी वसीयत के समय वे उपस्थित होते हैं, इस प्रकार कि उनसे सही व सच्ची बात कहें कि वह अपनी वसीयत में अपने वारिसों के हक़ पर अत्याचार न करे, तथा वसीयत को छोड़कर खुद को भलाई से वंचित न करे।