فَٱلسَّٰبِقَٰتِ سَبۡقٗا ٤
फिर क़सम है उन फ़रिश्तों की, जो दौड़कर आगे बढ़ने वाले हैं!
तफ़सीर
और अल्लाह ने उन फ़रिश्तों की क़सम खाई है, जो उसके आदेश के पालन में एक-दूसरे से आगे बढ़ जाते हैं।
فَٱلسَّٰبِقَٰتِ سَبۡقٗا ٤
फिर क़सम है उन फ़रिश्तों की, जो दौड़कर आगे बढ़ने वाले हैं!
और अल्लाह ने उन फ़रिश्तों की क़सम खाई है, जो उसके आदेश के पालन में एक-दूसरे से आगे बढ़ जाते हैं।