सूरह An-Nas, आयत 5

114:5

ٱلَّذِي يُوَسۡوِسُ فِي صُدُورِ ٱلنَّاسِ ٥

जो लोगों के दिलों में वसवसे डालता है।

तफ़सीर

जो लोगों के दिलों में अपना वसवसा डालता रहता है।