مِن شَرِّ ٱلۡوَسۡوَاسِ ٱلۡخَنَّاسِ ٤
वसवसा डालने वाले, पीछे हट जाने वाले की बुराई से।
तफ़सीर
शैतान की बुराई से, जो इनसान के अल्लाह के ज़िक्र से गाफ़िल होने पर, उसके दिल में वसवसा डालने लगता है, और जब वह अल्लाह का ज़िक्र करता है, तो उससे पीछे हट जाता है।