قُلِ ٱلۡحَمۡدُ لِلَّهِ وَسَلَٰمٌ عَلَىٰ عِبَادِهِ ٱلَّذِينَ ٱصۡطَفَىٰٓۗ ءَآللَّهُ خَيۡرٌ أَمَّا يُشۡرِكُونَ ٥٩
आप कह दें: सब प्रशंसा अल्लाह के लिए है और सलाम है उसके उन बंदों पर, जिन्हें उसने चुन लिया। क्या अल्लाह बेहतर है, या वे जिन्हें ये साझी ठहराते हैं?
तफ़सीर
(ऐ रसूल!) आप कह दें : सारी प्रशंसा अल्लाह के लिए है उसकी नेमतों पर, तथा उसकी ओर से नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम के सहाबा के लिए उसकी उस यातना से सुरक्षा (हिफ़ाज़त) है, जिसके साथ लूत और सालेह (अलैहिमस्सलाम) की जाति के लोग दंडित किए गए। क्या सत्य पूज्य अल्लाह जिसके हाथ में हर चीज़ का राज्य है, बेहतर है अथवा बहुदेववादियों द्वारा पूजे जाने वाले देवता, जो किसी लाभ और हानि के मालिक नहीं हैं?!