وَتَفَقَّدَ ٱلطَّيۡرَ فَقَالَ مَالِيَ لَآ أَرَى ٱلۡهُدۡهُدَ أَمۡ كَانَ مِنَ ٱلۡغَآئِبِينَ ٢٠
और उसने पक्षियों का निरीक्षण किया, तो कहा : मुझे क्या है कि मैं हुदहुद को नहीं देख रहा, या वह अनुपस्थि रहने वालों में से है?
तफ़सीर
और सुलैमान ने पक्षियों का निरीक्षण किया, पर हुदहुद को नहीं देखा। तो इसपर कहा : क्या बात है कि मैं हुदहुद को नहीं देख रहा हूँ? क्या किसी बाधा के कारण मैं उसे नहीं देख पा रहा हूँ अथवा वह अनुपस्थित है?