وَأَنَّهُۥ هُوَ أَغۡنَىٰ وَأَقۡنَىٰ ٤٨
और यह कि निःसंदेह उसी ने धनी बनाया और कोष प्रदान किया।
तफ़सीर
और यह कि उसी ने अपने बंदों में से जिसे चाहा माल देकर धनी बनाया और ऐसा धन दिया जिसे लोग अपने पास कोष बनाकर रखते हैं।
وَأَنَّهُۥ هُوَ أَغۡنَىٰ وَأَقۡنَىٰ ٤٨
और यह कि निःसंदेह उसी ने धनी बनाया और कोष प्रदान किया।
और यह कि उसी ने अपने बंदों में से जिसे चाहा माल देकर धनी बनाया और ऐसा धन दिया जिसे लोग अपने पास कोष बनाकर रखते हैं।