सूरह An-Najm, आयत 38

53:38

أَلَّا تَزِرُ وَازِرَةٞ وِزۡرَ أُخۡرَىٰ ٣٨

कि कोई बोझ उठाने वाला किसी दूसरे का बोझ नहीं उठाएगा।

तफ़सीर

कि कोई इनसान किसी अन्य व्यक्ति के पाप को वहन नहीं करेगा।