أَلَّا تَزِرُ وَازِرَةٞ وِزۡرَ أُخۡرَىٰ ٣٨
कि कोई बोझ उठाने वाला किसी दूसरे का बोझ नहीं उठाएगा।
तफ़सीर
कि कोई इनसान किसी अन्य व्यक्ति के पाप को वहन नहीं करेगा।
أَلَّا تَزِرُ وَازِرَةٞ وِزۡرَ أُخۡرَىٰ ٣٨
कि कोई बोझ उठाने वाला किसी दूसरे का बोझ नहीं उठाएगा।
कि कोई इनसान किसी अन्य व्यक्ति के पाप को वहन नहीं करेगा।