सूरह An-Najm, आयत 22

53:22

تِلۡكَ إِذٗا قِسۡمَةٞ ضِيزَىٰٓ ٢٢

तब तो यह बड़ा अन्यायपूर्ण बँटवारा है।

तफ़सीर

यह बँटवारा जो तुमने अपनी इच्छाओं के अनुसार किया है, एक अनुचित (अन्यायपूर्ण) बँटवारा है।