تِلۡكَ إِذٗا قِسۡمَةٞ ضِيزَىٰٓ ٢٢
तब तो यह बड़ा अन्यायपूर्ण बँटवारा है।
तफ़सीर
यह बँटवारा जो तुमने अपनी इच्छाओं के अनुसार किया है, एक अनुचित (अन्यायपूर्ण) बँटवारा है।
تِلۡكَ إِذٗا قِسۡمَةٞ ضِيزَىٰٓ ٢٢
तब तो यह बड़ा अन्यायपूर्ण बँटवारा है।
यह बँटवारा जो तुमने अपनी इच्छाओं के अनुसार किया है, एक अनुचित (अन्यायपूर्ण) बँटवारा है।