وَلَا تَشۡتَرُواْ بِعَهۡدِ ٱللَّهِ ثَمَنٗا قَلِيلًاۚ إِنَّمَا عِندَ ٱللَّهِ هُوَ خَيۡرٞ لَّكُمۡ إِن كُنتُمۡ تَعۡلَمُونَ ٩٥
और अल्लाह की प्रतिज्ञा को थोड़ी सी कीमत के लिए न बेचो।43 निःसंदेह जो अल्लाह के पास है, वही तुम्हारे लिए उत्तम है, यदि तुम जानते हो।
फ़ुटनोट
43 अर्थात सांसारिक लाभ के लिए वचन भंग न करो। (देखिए : सूरतुल आराफ़, आयत : 172)
तफ़सीर
और अल्लाह की प्रतिज्ञा को थोड़ी सी क़ीमत से न बदलो कि उसकी प्रतिज्ञा को तोड़ दो और उसे पूरी न करो। वास्तविकता यह है कि इस संसार में अल्लाह जो विजय और ग़नीमत के धन प्रदान करेगा और आख़िरत में जो स्थायी आनंद प्रदान करेगा, वह तुम्हारे लिए उस थोड़े से मुआवज़े से बेहतर है, जो तुम्हें प्रतिज्ञा तोड़ने पर प्राप्त होता है, यदि तुम इस तथ्य को जानते हो।