सूरह An-Nahl, आयत 89

16:89

وَيَوۡمَ نَبۡعَثُ فِي كُلِّ أُمَّةٖ شَهِيدًا عَلَيۡهِم مِّنۡ أَنفُسِهِمۡۖ وَجِئۡنَا بِكَ شَهِيدًا عَلَىٰ هَٰٓؤُلَآءِۚ وَنَزَّلۡنَا عَلَيۡكَ ٱلۡكِتَٰبَ تِبۡيَٰنٗا لِّكُلِّ شَيۡءٖ وَهُدٗى وَرَحۡمَةٗ وَبُشۡرَىٰ لِلۡمُسۡلِمِينَ ٨٩

और जिस दिन हम प्रत्येक समुदाय में उनपर उन्हीं में से एक गवाह खड़ा करेंगे। और आपको इन लोगों पर गवाह बनाकर लाएँगे।40 और हमने आपपर यह पुस्तक (क़ुरआन) अवतरित की, जो प्रत्येक विषय का स्पष्टीकरण और मार्गदर्शन और दया और आज्ञाकारियों के लिए शुभ सूचना है।

फ़ुटनोट

40 (देखिए : सूरतुल-बक़रा, आयत :143)

तफ़सीर

और (ऐ रसूल!) उस दिन को याद करें, जब हम हर समुदाय में एक रसूल को खड़ा करेंगे, जो उनके कुफ़्र या ईमान की गवाही देगा। यह रसूल उन्हीं के समुदाय से होगा और उन्हीं की भाषा में बात करेगा। और (ऐ रसूल!) हम आपको सभी समुदायों पर गवाह बनाकर लाएँगे। और हमने आपपर क़ुरआन को हर उस चीज़ को स्पष्ट करने के लिए उतारा है, जिसके स्पष्टीकरण की आवश्यकता है, जैसे कि हलाल एवं हराम, पुण्य एवं दंड, इत्यादि। तथा हमने उसे लोगों को सत्य का मार्ग दिखाने, उसपर ईमान लाने और उसके अनुसार कार्य करने वाले के लिए दया और अल्लाह पर ईमान रखने वालों के लिए उस स्थायी नेमत की शुभ सूचना के रूप में उतारा है, जिसकी उन्हें प्रतीक्षा है।