सूरह An-Nahl, आयत 73

16:73

وَيَعۡبُدُونَ مِن دُونِ ٱللَّهِ مَا لَا يَمۡلِكُ لَهُمۡ رِزۡقٗا مِّنَ ٱلسَّمَٰوَٰتِ وَٱلۡأَرۡضِ شَيۡـٔٗا وَلَا يَسۡتَطِيعُونَ ٧٣

और वे अल्लाह के सिवा उनकी उपासना करते हैं, जो न उन्हें आकाशों तथा धरती से कुछ भी जीविका देने के मालिक हैं और न वे इसका सामर्थ्य ही रखते हैं।

तफ़सीर

और ये बहुदेववादी लोग अल्लाह के अलावा ऐसी मूर्तियों की पूजा करते हैं, जो न उन्हें आकाशों तथा धरती से कुछ भी रोज़ी प्रदान करने का अधिकार रखती हैं और न ही उन्हें इसका अधिकार प्राप्त हो सकता है, क्योंकि वे निर्जीव चीज़ें हैं, जिनके पास जीवन या ज्ञान नहीं है।