وَيَجۡعَلُونَ لِلَّهِ مَا يَكۡرَهُونَۚ وَتَصِفُ أَلۡسِنَتُهُمُ ٱلۡكَذِبَ أَنَّ لَهُمُ ٱلۡحُسۡنَىٰۚ لَا جَرَمَ أَنَّ لَهُمُ ٱلنَّارَ وَأَنَّهُم مُّفۡرَطُونَ ٦٢
वे अल्लाह के लिए वह कुछ25 ठहराते हैं, जिसे अपने लिए नापसंद करते हैं। और उनकी ज़बानें झूठ बोलती हैं कि उनके लिए अच्छा परिणाम है। कोई संदेह नहीं कि उन्हीं के लिए जहन्नम है और वे उसमें छोड़ दिए जाएँगे।
फ़ुटनोट
25 अर्थात पुत्रियाँ।
तफ़सीर
वे अल्लाह के लिए बेटियाँ ठहराते हैं, जिन्हें अपने लिए पसंद नहीं करते। और उनकी ज़बानें झूठ बोलती हैं कि यदि वे पुनः जीवित किए भी गए, जैसा कि मुसलमानों का दावा है, तो उनके लिए अल्लाह के पास सबसे अच्छी स्थिति होगी। जबकि सच्चाई यह है कि जहन्नम उन्हीं के लिए है। वे उसमें छोड़ दिए जाएँगे, उससे बाहर कभी नहीं निकलेंगे।