सूरह An-Nahl, आयत 23

16:23

لَا جَرَمَ أَنَّ ٱللَّهَ يَعۡلَمُ مَا يُسِرُّونَ وَمَا يُعۡلِنُونَۚ إِنَّهُۥ لَا يُحِبُّ ٱلۡمُسۡتَكۡبِرِينَ ٢٣

निश्चय ही अल्लाह जानता है, जो वे छिपाते हैं तथा जो प्रकट करते हैं। निःसंदेह वह अभिमानियों से प्रेम नहीं करता।

तफ़सीर

इसमें कोई संदेह नहीं कि अल्लाह इनके उन कार्यों को जानता है, जो वे छिपाते हैं और जो वे प्रकट करते हैं। उससे कोई चीज़ छिपी नहीं रहती और वह उन्हें उनके कार्यों का बदला देगा। निश्चय अल्लाह पाक उन लोगों से प्रेम नहीं करता, जो उसकी इबादत करने और उसके आगे झुकने से अभिमान करते हैं। बल्कि उनसे सख़्त घृणा करता है।