सूरह An-Nahl, आयत 2

16:2

يُنَزِّلُ ٱلۡمَلَٰٓئِكَةَ بِٱلرُّوحِ مِنۡ أَمۡرِهِۦ عَلَىٰ مَن يَشَآءُ مِنۡ عِبَادِهِۦٓ أَنۡ أَنذِرُوٓاْ أَنَّهُۥ لَآ إِلَٰهَ إِلَّآ أَنَا۠ فَٱتَّقُونِ ٢

वह फ़रिश्तों को वह़्य के साथ, अपने आदेश से, अपने बंदों में से जिस पर चाहता है, उतारता है कि (लोगों को) सावधान कर दो कि मेरे सिवा कोई (सत्य) पूज्य नहीं, अतः मुझ ही से डरो।

तफ़सीर

अल्लाह फ़रिश्तों को वह़्य के साथ, अपने आदेश से, अपने रसूलों में से जिस पर चाहता है, उतारता है कि (ऐ रसूलो!) लोगों को अल्लाह का साझी बनाने से डराओ। क्योंकि मेरे सिवा कोई सत्य पूज्य नहीं। अतः (ऐ लोगो!) मेरे आदेशों का पालन करके और मेरी मना की हुई बातों से बचकर मुझसे डरो।