وَسَخَّرَ لَكُمُ ٱلَّيۡلَ وَٱلنَّهَارَ وَٱلشَّمۡسَ وَٱلۡقَمَرَۖ وَٱلنُّجُومُ مُسَخَّرَٰتُۢ بِأَمۡرِهِۦٓۚ إِنَّ فِي ذَٰلِكَ لَأٓيَٰتٖ لِّقَوۡمٖ يَعۡقِلُونَ ١٢
और उसने रात और दिन, सूर्य और चाँद को तुम्हारे लिए कार्यरत कर रखा है, तथा तारे भी उसके आदेश के अधीन हैं। निःसंदेह इसमें उन लोगों के लिए निश्चय बहुत-सी निशानियाँ हैं, जो समझ-बूझ रखते हैं।
तफ़सीर
और अल्लाह ने रात को तुम्हारे लिए अधीन कर दिया है, ताकि उसमें चैन और आराम करो, और दिन को भी (अधीन कर दिया है), ताकि उसमें जीवन यापन के लिए कमाई करो। और सूर्य को तुम्हारे लिए अधीन कर दिया है और उसे रोशनी का भंडार बनाया है, और चाँद को भी अधीन कर दिया है और उसे चमकदार बनाया है। तथा तारे उसके आदेश से तुम्हारे लिए अधीन कर दिए गए हैं, जिनके द्वारा तुम जल और थल के अंधेरों में रास्ता पाते हो तथा समय की जानकारी करते हो। इन समस्त चीज़ों को वशीभूत करने में, उन लोगों के लिए अल्लाह की शक्ति की स्पष्ट निशानियाँ हैं, जो अपनी बुद्धि और विवेक से काम लेते हैं। चुनाँचे वही लोग उनकी हिकमत को समझते हैं।