सूरह An-Nahl, आयत 107

16:107

ذَٰلِكَ بِأَنَّهُمُ ٱسۡتَحَبُّواْ ٱلۡحَيَوٰةَ ٱلدُّنۡيَا عَلَى ٱلۡأٓخِرَةِ وَأَنَّ ٱللَّهَ لَا يَهۡدِي ٱلۡقَوۡمَ ٱلۡكَٰفِرِينَ ١٠٧

यह इसलिए कि उन्होंने दुनिया के जीवन को आख़िरत की तुलना में प्रिय रखा। और यह कि अल्लाह काफ़िरों को सीधे मार्ग का सामर्थ्य नहीं देता।

तफ़सीर

इस्लाम से उनका यह फिर जाना इस कारण हुआ कि उन्होंने अपने कुफ़्र के बदले में प्राप्त होने वाले दुनिया के थोड़े-से अंश को आख़िरत पर वरीयता दी। और यह कि अल्लाह काफ़िर समुदाय को ईमान की तौफ़ीक़ नहीं देता, बल्कि उन्हें असहाय छोड़ देता है।