لَّا بَارِدٖ وَلَا كَرِيمٍ ٤٤
जो न शीतल होगा और न देखने में अच्छी ही लगेगा।
तफ़सीर
जो न चलते हुए सुहावनी होगी और न अच्छा दिखने वाली होगी।
لَّا بَارِدٖ وَلَا كَرِيمٍ ٤٤
जो न शीतल होगा और न देखने में अच्छी ही लगेगा।
जो न चलते हुए सुहावनी होगी और न अच्छा दिखने वाली होगी।