सूरह Al-Waqi'ah, आयत 44

56:44

لَّا بَارِدٖ وَلَا كَرِيمٍ ٤٤

जो न शीतल होगा और न देखने में अच्छी ही लगेगा।

तफ़सीर

जो न चलते हुए सुहावनी होगी और न अच्छा दिखने वाली होगी।