सूरह Al-Waqi'ah, आयत 26

56:26

إِلَّا قِيلٗا سَلَٰمٗا سَلَٰمٗا ٢٦

केवल सलाम ही सलाम की आवाज़ होगी।

तफ़सीर

वे केवल अपने आपपर फ़रिश्तों का सलाम और उनका आपस में एक-दूसरे को सलाम करना सुनेंगे।