सूरह Al-Waqi'ah, आयत 2

56:2

لَيۡسَ لِوَقۡعَتِهَا كَاذِبَةٌ ٢

उसके घटित होने में कोई झूठ नहीं।

तफ़सीर

कोई प्राणी ऐसा नहीं होगा, जो उसका इनकार करे, जैसे दुनिया में इनकार कर देता था।