لَيۡسَ لِوَقۡعَتِهَا كَاذِبَةٌ ٢
उसके घटित होने में कोई झूठ नहीं।
तफ़सीर
कोई प्राणी ऐसा नहीं होगा, जो उसका इनकार करे, जैसे दुनिया में इनकार कर देता था।
لَيۡسَ لِوَقۡعَتِهَا كَاذِبَةٌ ٢
उसके घटित होने में कोई झूठ नहीं।
कोई प्राणी ऐसा नहीं होगा, जो उसका इनकार करे, जैसे दुनिया में इनकार कर देता था।