सूरह Al-Qasas, आयत 84

28:84

مَن جَآءَ بِٱلۡحَسَنَةِ فَلَهُۥ خَيۡرٞ مِّنۡهَاۖ وَمَن جَآءَ بِٱلسَّيِّئَةِ فَلَا يُجۡزَى ٱلَّذِينَ عَمِلُواْ ٱلسَّيِّـَٔاتِ إِلَّا مَا كَانُواْ يَعۡمَلُونَ ٨٤

जो व्यक्ति नेकी लेकर आएगा, उसके लिए उससे उत्तम (बदला) है और जो बुराई लेकर आएगा, तो जिन लोगों ने बुरे काम किए वे बदला नहीं दिए जाएँगे परंतु उसी का जो वे किया करते थे।

तफ़सीर

जो व्यक्ति क़ियामत के दिन नेक काम (जैसे नमाज़, ज़कात, रोज़ा वगैरह) लेकर आएगा, उसे उस नेक काम से अच्छा प्रतिफल मिलेगा। क्योंकि उस नेक काम को उसके लिए दस गुना बढ़ा दिया जाएगा। तथा जो व्यक्ति क़ियामत के दिन बुराई (जैसे अल्लाह का इनकार, सूदखोरी और व्यभिचार इत्यादि) लेकर आएगा, तो जिन लोगों ने बुरे कर्म किए हैं, उन्हें बिना वृद्धि के केवल उसी मात्रा में बदला दिया जाएगा जो उन्होंने किया है।