सूरह Al-Qasas, आयत 4

28:4

إِنَّ فِرۡعَوۡنَ عَلَا فِي ٱلۡأَرۡضِ وَجَعَلَ أَهۡلَهَا شِيَعٗا يَسۡتَضۡعِفُ طَآئِفَةٗ مِّنۡهُمۡ يُذَبِّحُ أَبۡنَآءَهُمۡ وَيَسۡتَحۡيِۦ نِسَآءَهُمۡۚ إِنَّهُۥ كَانَ مِنَ ٱلۡمُفۡسِدِينَ ٤

निःसंदेह फ़िरऔन ने धरती में सरकशी की और उसके वासियों को कई समूहों में विभाजित कर दिया। जिनमें से एक समूह को वह बहुत कमज़ोर कर रहा था, उनके बेटों का बुरी तरह से वध कर देता और उनकी महिलाओं को जीवित रहने देता था। निःसंदेह वह बिगाड़ पैदा करने वालों में से था।

तफ़सीर

फ़िरऔन ने मिस्र की धरती में सरकशी की और उसपर अधिकार जमा लिया, तथा उसके निवासियों को अलग-अलग गुटों में कर दिया। वह उनमें से एक गुट अर्थात् बनी इसराईल को कमज़ोर कर रखा था। उनके पुरुषों को मार देता और उन्हें और अधिक अपमानित करने के लिए उनकी महिलाओं को सेवा में रखने के लिए जीवित छोड़ देता था। निःसंदेह वह अत्याचार, सरकशी तथा अहंकार के साथ धरती पर बिगाड़ पैदा करने वालों में से था।