وَأَصۡبَحَ فُؤَادُ أُمِّ مُوسَىٰ فَٰرِغًاۖ إِن كَادَتۡ لَتُبۡدِي بِهِۦ لَوۡلَآ أَن رَّبَطۡنَا عَلَىٰ قَلۡبِهَا لِتَكُونَ مِنَ ٱلۡمُؤۡمِنِينَ ١٠
और मूसा की माता का दिल (मूसा की याद के सिवा हर चीज़ से) खाली हो गया। निश्चय वह क़रीब थी कि उसे प्रकट कर देती, यदि हम उसके दिल को मज़बूत कर उसका ढारस न बँधा देते, ताकि वह ईमानवालों में से हो जाए।
तफ़सीर
मूसा अलैहिस्सलाम की माता का दिल मूसा के मामले के सिवा किसी भी प्रकार की सांसारिक वस्तु से रहित हो गया। वह अब धीरज नहीं रख पा रही थीं, यहाँ तक कि उसके साथ उनके गहरे लगाव के कारण वह इस बात के क़रीब थीं कि यह प्रकट कर देतीं कि वह उनका बेटा है, यदि ऐसा न होता कि हमने उनके दिल को मज़बूत करके उसका ढारस बँधा दिया तथा उन्हें सब्र प्रदान किया। ताकि वह उन ईमान वालों में शामिल हो जाएँ, जो अपने रब पर भरोसा रखते हैं और उसके फ़ैसले पर सब्र करते हैं।