सूरह Al-Qalam, आयत 31

68:31

قَالُواْ يَٰوَيۡلَنَآ إِنَّا كُنَّا طَٰغِينَ ٣١

उन्होंने कहा : हाय हमारा विनाश! निश्चय हम ही सीमा का उल्लंघन करने वाले थे।

तफ़सीर

उन्होंने पछतावे से कहा : हाय हमारी क्षति! निश्चय हम ही ग़रीबों के हक़ को रोकने की योजना बनाकर हद से बढ़ गए थे।