مَآ أَنتَ بِنِعۡمَةِ رَبِّكَ بِمَجۡنُونٖ ٢
आप, अपने रब के अनुग्रह से हरगिज़ दीवाना नहीं हैं।
तफ़सीर
(ऐ रसूल) आप, अल्लाह के इस अनुग्रह से कि उसने आपको नबी बनाया, दीवाने हरगिज़ नहीं हैं। बल्कि, आप उस पागलपन से बरी हैं, जिससे मुश्रिकों ने आपको आरोपित किया है।