كَلَّآ إِنَّ كِتَٰبَ ٱلۡفُجَّارِ لَفِي سِجِّينٖ ٧
हरगिज़ नहीं, निःसंदेह दुराचारियों का कर्म-पत्र "सिज्जीन" में है।
तफ़सीर
मामला ऐसा नहीं है, जैसा तुमने समझ रखा है कि मौत के बाद दोबारा जीवित नहीं होना है। निश्चय काफ़िरों और मुनाफ़िकों जैसे दुराचारियों का कर्म-पत्र निचली धरती के एक तंग स्थान में है।