सूरह Al-Mumtahanah, आयत 7

60:7

۞ عَسَى ٱللَّهُ أَن يَجۡعَلَ بَيۡنَكُمۡ وَبَيۡنَ ٱلَّذِينَ عَادَيۡتُم مِّنۡهُم مَّوَدَّةٗۚ وَٱللَّهُ قَدِيرٞۚ وَٱللَّهُ غَفُورٞ رَّحِيمٞ ٧

निकट है कि अल्लाह तुम्हारे बीच तथा उन लोगों के बीच, जिनसे तुम उन (काफिरों) में से बैर रखते हो, मित्रता4 पैदा कर दे। और अल्लाह सर्वशक्तिमान् है तथा अल्लाह अति क्षमाशील, अत्यंत दयावान् है।

फ़ुटनोट

4 अर्थात उनको मुसलमान करके तुम्हारा दीनी भाई बना दे। और फिर ऐसा ही हुआ कि मक्का की विजय के बाद लोग तेज़ी के साथ मुसलमान होना आरंभ हो गए। और जो पुरानी दुश्मनी थी वह प्रेम में बदल गई।

तफ़सीर

आशा है कि अल्लाह (ऐ मोमिनो) तुम्हारे बीच और उन काफ़िरों के बीच, जिनसे तुम बैर रखते हो, प्रेम उत्पन्न कर दे, इस प्रकार वह उन्हें इस्लाम का मार्गदर्शन प्रदान कर दे। फिर वे तुम्हारे इस्लामी भाई बन जाएँ। और अल्लाह बड़ा सामर्थ्यवान् है। वह इस बात का सामर्थ्य रखता है कि उनके दिलों को ईमान की ओर फेर दे। तथा अल्लाह अपने तौबा करने वाले बंदों को क्षमा करने वाला, उनपर दया करने वाला है।