إِلَىٰ فِرۡعَوۡنَ وَمَلَإِيْهِۦ فَٱسۡتَكۡبَرُواْ وَكَانُواْ قَوۡمًا عَالِينَ ٤٦
फ़िरऔन और उसके सरदारों की ओर। तो उन्होंने घमंड किया और वे सरकश लोग थे।
तफ़सीर
हमने उन दोनों को फ़िरऔन और उसकी जाति के अशराफिया के पास भेजा। तो उन्होंने अहंकार दिखाया और उन दोनों को मानने को तैयार नहीं हुए। और वे उत्पीड़न और अत्याचार के द्वारा लोगों को दबाए हुए थे।