सूरह Al-Mu'minun, आयत 103

23:103

وَمَنۡ خَفَّتۡ مَوَٰزِينُهُۥ فَأُوْلَٰٓئِكَ ٱلَّذِينَ خَسِرُوٓاْ أَنفُسَهُمۡ فِي جَهَنَّمَ خَٰلِدُونَ ١٠٣

और जिसके पलड़े हलके हो गए, तो वही लोग हैं, जिन्होंने अपने आपको घाटे में डाला। जहन्नम ही में सदावासी होंगे।

तफ़सीर

और जिसके पलड़े, उसके गुनाहों के उसकी नेकियों से अधिक होने के कारण, भारी हो गए, तो वही लोग हैं, जिन्होंने खुद को बर्बाद कर दिया। क्योंकि उन्होंने ऐसे कार्य किए, जो उनके लिए हानिकारक हैं और ईमान तथा सत्कर्म को छोड़ दिया, जो उनके लिए लाभदायक हैं। अतः वे हमेशा जहन्नम की आग में रहने वाले हैं, उससे कभी बाहर नहीं निकलेंगे।