सूरह Al-Muddaththir, आयत 6

74:6

وَلَا تَمۡنُن تَسۡتَكۡثِرُ ٦

तथा उपकार न जताओ (अपनी नेकियों को) अधिक समझ कर।

तफ़सीर

और अपने अच्छे कार्यों को अधिक समझकर अपने रब पर उपकार न जताओ।