فَمَن شَآءَ ذَكَرَهُۥ ٥٥
अतः जो चाहे, उससे नसीहत प्राप्त करे।
तफ़सीर
अतः जो क़ुरआन पढ़ना और उससे नसीहत हासिल करना चाहे, वह उसे पढ़े और उससे नसीहत हासिल करे।
فَمَن شَآءَ ذَكَرَهُۥ ٥٥
अतः जो चाहे, उससे नसीहत प्राप्त करे।
अतः जो क़ुरआन पढ़ना और उससे नसीहत हासिल करना चाहे, वह उसे पढ़े और उससे नसीहत हासिल करे।