وَٱلصُّبۡحِ إِذَآ أَسۡفَرَ ٣٤
और सुबह की, जब वह प्रकाशित हो जाए!
तफ़सीर
और सुबह की क़सम खाई है, जब वह अच्छी तरह प्रकाशित हो जाए।
وَٱلصُّبۡحِ إِذَآ أَسۡفَرَ ٣٤
और सुबह की, जब वह प्रकाशित हो जाए!
और सुबह की क़सम खाई है, जब वह अच्छी तरह प्रकाशित हो जाए।