إِنَّهُۥ فَكَّرَ وَقَدَّرَ ١٨
निःसंदेह उसने सोच-विचार किया और बात बनाई।5
फ़ुटनोट
5 क़ुरआन के संबंध में प्रश्न किया गया तो वह सोचने लगा कि कौन सी बात बनाए और उसके बारे में क्या कहे? (इब्ने कसीर)
तफ़सीर
इस काफ़िर ने, जिसे हमने ये सारी नेमतें प्रदान कीं, सोच-विचार किया कि इस क़ुरआन के बारे में उसे ग़लत साबित करने के लिए क्या कहे, और अपने दिल में उसका अनुमान लगाया।