सूरह Al-Ma'idah, आयत 62

5:62

وَتَرَىٰ كَثِيرٗا مِّنۡهُمۡ يُسَٰرِعُونَ فِي ٱلۡإِثۡمِ وَٱلۡعُدۡوَٰنِ وَأَكۡلِهِمُ ٱلسُّحۡتَۚ لَبِئۡسَ مَا كَانُواْ يَعۡمَلُونَ ٦٢

तथा आप उनमें से बहुतों को देखेंगे कि वे पाप तथा अत्याचार और अपनी हरामख़ोरी में दौड़कर जाते हैं। निश्चय बहुत बुरा है, जो वे किया करते थे।

तफ़सीर

(ऐ रसूल!) आप देखेंगे कि बहुत से यहूदी और मुनाफ़िक़ पाप करने के लिए जल्दी करते हैं, जैसे कि झूठ बोलना, दूसरों पर अत्याचार करना और लोगों के माल को निषिद्ध तरीक़े से खाना। बहुत बुरा है जो कुछ वे कर रहे हैं।