सूरह Al-Ma'idah, आयत 37

5:37

يُرِيدُونَ أَن يَخۡرُجُواْ مِنَ ٱلنَّارِ وَمَا هُم بِخَٰرِجِينَ مِنۡهَاۖ وَلَهُمۡ عَذَابٞ مُّقِيمٞ ٣٧

वे चाहेंगे कि आग से निकल जाएँ, हालाँकि वे उससे हरगिज़ निकलने वाले नहीं और उनके लिए हमेशा रहने वाली यातना है।

तफ़सीर

वे जहन्नम की आग में प्रवेश करने के बाद उससे बाहर निकलना चाहेंगे, परंतु वे ऐसा कैसे कर सकते हैं?! वे उससे हाबर हरगिज़ नहीं निकलेंगे, तथा उनके लिए उसमें एक स्थायी यातना है।