सूरह Al-Ma'arij, आयत 33

70:33

وَٱلَّذِينَ هُم بِشَهَٰدَٰتِهِمۡ قَآئِمُونَ ٣٣

और जो अपनी गवाहियों पर क़ायम रहने वाले हैं।

तफ़सीर

और जो लोग अपेक्षित तरीक़े से अपनी गवाही देते हैं। न तो रिश्तेदारी और न ही दुश्मनी उनकी गवाही को प्रभावित करती है।