सूरह Al-Ma'arij, आयत 15

70:15

كَلَّآۖ إِنَّهَا لَظَىٰ ١٥

कदापि नहीं! निःसंदेह वह (जहन्नम) भड़कने वाली आग है।

तफ़सीर

मामला वैसा नहीं है, जैसा कि इस अपराधी ने कामना की है। निश्चय वह आख़िरत की आग है, जो भड़क रही है और लपट मार रही है।