وَفَصِيلَتِهِ ٱلَّتِي تُـٔۡوِيهِ ١٣
तथा अपने परिवार (कुटुंब) को, जो उसे शरण देता था।
तफ़सीर
और अपने सबसे क़रीबी परिवार वालों को छुड़ौती के रूप में प्रस्तुत कर दे, जो कठिन परिस्थितियों में उसके साथ खड़े होते थे।
وَفَصِيلَتِهِ ٱلَّتِي تُـٔۡوِيهِ ١٣
तथा अपने परिवार (कुटुंब) को, जो उसे शरण देता था।
और अपने सबसे क़रीबी परिवार वालों को छुड़ौती के रूप में प्रस्तुत कर दे, जो कठिन परिस्थितियों में उसके साथ खड़े होते थे।