وَلَا يَسۡـَٔلُ حَمِيمٌ حَمِيمٗا ١٠
और कोई मित्र किसी मित्र को नहीं पूछेगा।
तफ़सीर
और कोई निकट संबंधी अपने निकट संबंधी का हाल नहीं पूछेगा, क्योंकि हर कोई अपने आप में व्यस्त होगा।
وَلَا يَسۡـَٔلُ حَمِيمٌ حَمِيمٗا ١٠
और कोई मित्र किसी मित्र को नहीं पूछेगा।
और कोई निकट संबंधी अपने निकट संबंधी का हाल नहीं पूछेगा, क्योंकि हर कोई अपने आप में व्यस्त होगा।