وَٱلنَّهَارِ إِذَا تَجَلَّىٰ ٢
और दिन की क़सम, जब वह रौशन हो जाए!
तफ़सीर
और दिन की क़सम खाई है, जब वह प्रकट होकर प्रकाशमान हो जाए।
وَٱلنَّهَارِ إِذَا تَجَلَّىٰ ٢
और दिन की क़सम, जब वह रौशन हो जाए!
और दिन की क़सम खाई है, जब वह प्रकट होकर प्रकाशमान हो जाए।