وَٱلَّيۡلِ إِذَا يَغۡشَىٰ ١
रात की क़सम, जब वह छा जाए।
तफ़सीर
अल्लाह ने रात की क़सम खाई है, जब वह आसमान और ज़मीन के बीच को अपने अंधेरे के साथ ढाँप ले।
وَٱلَّيۡلِ إِذَا يَغۡشَىٰ ١
रात की क़सम, जब वह छा जाए।
अल्लाह ने रात की क़सम खाई है, जब वह आसमान और ज़मीन के बीच को अपने अंधेरे के साथ ढाँप ले।