सूरह Al-Kahf, आयत 68

18:68

وَكَيۡفَ تَصۡبِرُ عَلَىٰ مَا لَمۡ تُحِطۡ بِهِۦ خُبۡرٗا ٦٨

और तुम उसपर कैसे धीरज रख सकते हो, जिसका तुम्हें पूरा ज्ञान नहीं?

तफ़सीर

और तुम उन कामों को देखकर कैसे धैर्य रख सकते हो, जिनके बारे में तुम्हें नहीं पता कि उसमें क्या सही है; क्योंकि तुम उनके बारे में अपने ज्ञान की मात्रा के अनुसार फ़ैसला करोगे?!