सूरह Al-Kahf, आयत 109

18:109

قُل لَّوۡ كَانَ ٱلۡبَحۡرُ مِدَادٗا لِّكَلِمَٰتِ رَبِّي لَنَفِدَ ٱلۡبَحۡرُ قَبۡلَ أَن تَنفَدَ كَلِمَٰتُ رَبِّي وَلَوۡ جِئۡنَا بِمِثۡلِهِۦ مَدَدٗا ١٠٩

(ऐ नबी!) आप कह दें : यदि सागर मेरे पालनहार की बातें लिखने के लिए स्याही बन जाए, तो निश्चय सागर समाप्त हो जाएगा इससे पहले कि मेरे पालनहार की बातें समाप्त हों, यद्यपि हम उसके बराबर और स्याही ले आएँ।

तफ़सीर

(ऐ रसूल!) आप कह दीजिए : मेरे पालनहार की बातें बहुत ज़्यादा हैं। अतः यदि उन्हें लिखने के लिए समुद्र स्याही बन जाए, तो पवित्र अल्लाह की बातें समाप्त होने से पहले ही समुद्र का पानी समाप्त हो जाएगा। बल्कि यदि हम और भी समुद्र ले आएँ, तो वे भी समाप्त हो जाएँगे।