सूरह Al-Kafirun, आयत 2

109:2

لَآ أَعۡبُدُ مَا تَعۡبُدُونَ ٢

मैं उसकी इबादत नहीं करता, जिसकी तुम इबादत करते हो।

तफ़सीर

मैं उन मूर्तियों की न वर्तमान में इबादत करता हूँ और न भविष्य में इबादत करूँगा, जिन्हें तुम पूजते हो।