قُلۡ إِنَّ ٱلۡمَوۡتَ ٱلَّذِي تَفِرُّونَ مِنۡهُ فَإِنَّهُۥ مُلَٰقِيكُمۡۖ ثُمَّ تُرَدُّونَ إِلَىٰ عَٰلِمِ ٱلۡغَيۡبِ وَٱلشَّهَٰدَةِ فَيُنَبِّئُكُم بِمَا كُنتُمۡ تَعۡمَلُونَ ٨
आप कह दें कि जिस मौत से तुम भाग रहे हो, वह अवश्य तुमसे मिलकर रहेगी। फिर तुम हर परोक्ष (छिपे) और प्रत्यक्ष (खुले) का ज्ञान रखने वाले (अल्लाह) की ओर लौटाए जाओगे, तो वह तुम्हें बताएगा जो कुछ तुम किया करते थे।7
फ़ुटनोट
7 अर्थात तुम्हारे दुष्कर्मों के परिणाम से।
तफ़सीर
और (ऐ रसूल) इन यहूदियों से कह दें : निश्चय वह मौत जिससे तुम भागते हो, अनिवार्य रूप से किसी न किसी समय तुम्हें आने वाली है। फिर तुम क़ियामत के दिन अल्लाह की ओर लौटाए जाओगे, जो हर उस चीज़ को जानता है, जो अनुपस्थित है और जो मौजूद है। उन दोनों में से कुछ भी उससे छिपा नहीं है। चुनाँचे वह तुम्हें बताएगा कि तुम दुनिया में क्या किया करते थे और तुम्हें उसका बदला देगा।